Pinki Viral Letter अपनी चिट्ठी से चर्चा में आई पटना की कथित पिंकी ने एक बार फिर चिट्ठी लिखकर नौकरी के साथ दहेज (Dowry Issue) का मुद्दा उठाया है. इसे पिंकी ने अपनी तीसरी और आखिरी चिट्ठी बताया है अब पिंकी ने एक और चिट्ठी लिख कर कहा है ‘मेरी शादी के लिए जब पिताजी कहीं जाते हैं, तो लड़के वाले दहेज की मांग करते हैं. अगर मेरी नौकरी होती तो शायद कोई दहेज नहीं मांगता.’ यह है पिंकी की तीसरी चिट्ठी.
Pinki Viral Letter हम पिंकी फ्रॉम पटना, ई हमरी आखिरी चिट्ठी है

- Pinki Viral Letter दो चिट्ठी हम पहले लिखे, पर तेजस्वी जी के तरफ से कोई जबाब नहीं आया. हमको 22 मार्च को मीडिया के सामने आना था और बताना था कि रोजगार केतना जरूरी है. जॉब नहीं तो बीयाह नहीं होगा. बाबूजी कहीं लइका देखने जाते भी हैं तो तिलक का डिमांड करता है सब. बाबूजी के माई से बात करते हुए सुने कि हमरा जॉब होता तो यह सब फजीहत ना होता. हम मीडिया के सामने आके बोल सकते हैं लेकिन हमको पता है जैसे ही सामने आएंगे हमारा सबलोग टारगेट करेगा. गांव समाज में हमरा और बाबूजी का बदनामी होगा सो अलग.

- Pinki Viral Letter और ई बात केवल हमरे ना है, बहुत लईकी लोग के इहे हाल है. बाबूजी को कोई लईका के बारे में बताता है तो बड़ी उम्मीद से जाते हैं और ऊ सब के बड़का बड़का डिमांड सुन कर निराश होकर वापस आ जाते हैं. हमको सरकार से कोई लड़ाई ना लड़ना है. बस मन के एक गो बात था तो चिट्ठी लिख दिए. इ आखिरी चिट्ठी है बाकी आगे पढ़ रहे हैं, जेतना जल्दी नौकरी लगेगा उतना जल्दी बियाह होगा और बाबू जी का बोझ कम होगा. सबको प्रणाम. धन्यवाद.
Pinki Viral Letter आखिर कौन है यह वायरल पिंकी?

- Pinki Viral Letter पिंकी एक मध्यवर्गीय परिवार की लड़की है. जिसके ऊपर परिवार की जिम्मेदारी है. रूढ़िवादी परिवार में बगावत कर उच्च शिक्षा हासिल की. परिवार के लोगों को समझाया कि पढ़-लिख कर नौकरी लग जाएगी तो जिंदगी सरल हो जाएगी, पर ऐसा हुआ नहीं. अभी बेरोजगार है, परेशान है. लेखक के अनुसार पिंकी के पड़ोसी या रिश्तेदार उसके बाबूजी को ताना देते हैं कि पिंकी को कुंवारी ही रखेंगे! पिंकी के पिताजी को बेटी पर भरोसा है, लेकिन स्थितियों से जूझ रहे हैं.
देहरादून की बेटी मेजर शशि को सलाम ! जिन्होंने किया बेमिसाल काम https://shininguttarakhandnews.com/ultra-running-race-major-shashi/

